जज़्बा:55 साल की उम्र में हासिल की डिग्री 23 साल लगातार फेल होने के बाद भी नहीं हारी हिम्मत।

आपने कभी तो सुना होगा की कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती यह वाक्य जबलपुर के रहने वाले इस शख्स पर बिल्कुल सटीक बैठती है।राजकरण बरुआ की यह कहानी सुनकर आप भी यह सोचने पर मजबूर हो जाएंगे की कोई शक्श एक डिग्री पाने के लिए इतना मेहनत और हिम्मत कहां से लाता है।

राजकरण बरुआ एमएससी की डिग्री पाने के लिए 25 साल का इंतजार किया वह लगातार 23 बार एमएससी मैथ्स में फेल हुए उसके बाद उन्होंने यह डिग्री प्राप्त की उनका यह जज्बा देखकर आप आश्चर्यचकित हो जाएंगे की कोई शख्स 1 डिग्री के लिए 25 साल का इंतजार कर सकता है।

राजकरण बरुआ पेशे से एक गार्ड है और वह एक झोपड़ी में रहते हैं उन्हें पढ़ने का इतना शौक है कि उन्होंने 23 बार फेल होने के बावजूद हिम्मत नहीं हारी और एमएससी मैथ्स में 25 साल के बाद सफलता हासिल की। उनके अंदर पढ़ने का ऐसा जज्बा था की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं आ रही और 5000 से 7000 रुपए मासिक फीस  देते थे और किताबें खरीदते रहे।

राजकरण ने पहले आर्कियोलॉजी में MA किया है उसके बाद वह संगीत और फिल्मों में फिल्मों की पढ़ाई की है उसके बाद वह एक स्कूल में पढ़ाने जाने लगे वहां पर इनके मैथ्स पढ़ने के तरीकों को देखकर सभी टीचरों ने उनकी सराहना की और एमएससी में दाखिला लेने के लिए प्रेरित किया उसके बाद उन्होंने msc में एडमिशन लिया।

राजकरण बरुआ यह नहीं जानते थे कि उन्होंने जो सपना देखा है वह इतना आसान नहीं होगा 1997 में उन्होंने पहली बार एमएससी परीक्षा में बैठे लेकिन वह फेल हो गए और उन्होंने संकल्प लिया जब तक वह पास नहीं हो जाते तब तक हार नहीं मानेंगे और उन्होंने 23 साल तक हिम्मत नहीं हारी और 25 साल में एमएससी की डिग्री पूरी की।

राजकरण ने बताया कि पढ़ाई के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ी पैसे ना होने के कारण उन्होंने गार्ड की नौकरी की और बहुत से काम करने पड़े पढ़ाई के कारण शादी नहीं हो पाई और मजबूरी में झोपड़ी में रहना पड़ा राजकरण चाहते हैं की एक स्कूल खोला जाए और गरीब बच्चों की पढ़ाई हो सके और वह सरकार से इसके लिए मदद चाहते हैं।

राजकरण इस जज्बे को सलाम है कि विपरीत परिस्थिति होने के बावजूद भी हिम्मत नहीं हारी और सफलता पाने तक डटे रहे और नई पीढ़ियों के लिए एक मिशाल पेश की है।

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